भूलाकर उसने मुझको गैरो पर है ऐतबार किया

भूलाकर उसने मुझको गैरो पर है ऐतबार किया


भूलाकर उसने मुझको गैरो पर है ऐतबार किया।
यारो, ये ज़हर पीकर भी मैंने उससे प्यार किया।

चाहा तुझको दुनिया की हर चीज़ से ज्यादा।
तू ही बात क्या गलती की मैंने जो तुजसे प्यार किया।

थककर हार गया जब ढूंढते ढूढते उसको।
आँखे बंद की अपनी ओर उसका दीदार किया।

शिकवा ना किया कभी किसी बात का उसकी।
बेवफाई को भी उसकी तहे दिल से स्वीकार किया।

तोड़े अपनों से हर रिश्ते नाते खातिर तेरी।
क्या कुछ नहीं मैंने तेरे लिए मेरे यार किया।

कुछ ऐसा जूनून था पाने का उसको।
ना रात देखी ना दिन का इंतज़ार किया।

भुलाकर तुझको बढ़ जायेंगे जिंदगी में आगे।
झूठा ये वादा हमने खुद से कई बार किया।

रंग रूप से क्या लेना देना था हमको।
जिसने भी दिल से चाहा उसे बेइंतिहा प्यार किया।

एक बार कहके तो देख ,सब कुछ लुटा देंगे अपना।
दिल जिगर क्या चीज़ है, जा को भी तुझ पर है निसार किया।

भूलाकर उसने मुझको गैरो पर है ऐतबार किया


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